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गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या नही खाएं ?

गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या नही खाएं ?
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Written by Heerey Khan

गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या नही खाएं ? एक पुरानी कहावत है| स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है| अगर गर्भवती महिला के लिए इस कहावत को कहे तो यह कुछ इस तरह होगी| स्वस्थ माह में ही स्वस्थ शिशु का वास होता है| इसीलिए गर्भवती महिला का भोजन उसे स्वस्थ बनाने वाला होना चाहिए| ताकि गर्व में पालने वाला शिशु भी स्वस्थ रहे गर्भवती की अच्छी सेहत के लिए यह बहुत जरूरी है, कि वह केवल अच्छा खाना ही खाएं| और हानिकारक चीजें जैसे कच्चा पपीता आदि ना खाए| आज के लेख में आप जानेंगे की प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए| और साथ ही भोजन संबंधी अन्य सावधानियों के बारे में भी आपको जानकारी हासिल होगी|

गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या नही खाएं ?

डॉक्टरों की मानें तो दूसरे और तीसरे तिमाही के दौरान एक गर्भवती महिला को प्रतिदिन 350 से 500 अतिरिक्त कैलोरी की आवश्यकता है| जिसकी कमी का प्रभाव सीधे आपके बच्चे के विकास पर पड़ता है| इसीलिए इस समय खानपान में जरा भी लापरवाही ना बरतनी चाहिए|

परंतु बहुत सी महिलाओं को इनके बारे में पता नहीं होता है| जिसके कारण उनके और उनके शिशु के स्वस्था पर न मार आत्मक प्रभाव पड़ने लगता है| इसीलिए आज हम आपको हेल्दी प्रेगनेंसी डाइट के बारे में बताने जा रहे हैं| जिसकी मदद से आप जान पाएंगे, कि गर्भावस्था के दौरान आपको किन चीजों का सेवन करना है, और किन चीजों का नहीं तो आइए जानते हैं, गर्भवती महिलाओं को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए|

गर्भावस्था में क्या खाना चाहिए

अगर आप गर्भवती हैं तो अपने खान-पान में नीचे बताई गई चीजों को जरूर शामिल करें

  • डेयरी उत्पाद

क्योंकि आप गर्भवती हैं, तो आपको अपने और अपने शिशु के विकास के लिए ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम की जरूरत होगी| 19 से 50 साल तक की उम्र वाली गर्भवती महिला के शरीर को रोजाना 1000 mg कैल्शियम की जरूरत होती है| इसीलिए आप अपने खान-पान में डेयरी उत्पादों को जरूर शामिल करें| दही, छाछ, दूध आदि जैसे डेयरी उत्पाद गर्भवती महिला और गर्व के में पल रहे शिशु के विकास के लिए काफी फायदेमंद होते हैं| ध्यान रहे कि गर्भवती महिला को डेयरी उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए|

  • ब्रोकली और हरी पत्तेदार सब्जियां|

गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान में हरी पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल करनी चाहिए| इसीलिए आप पालक, पत्ता गोभी, ब्रोकली आदि जैसी सब्जी जरूर खाएं| पालक में मौजूद आयरन गर्भावस्था के दौरान खून की कमी को दूर करता है|

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  • सूखे मेवे

गर्भावस्था में सूखे मेवों को भी अपने खान-पान में शामिल करें| मेवे में कई तरह के विटामिन, कैलोरी, फाइबर, ओमेगा 3 फैटी एसिड, पाए जाते हैं| जो सेहत के लिए काफी अच्छे होते हैं| अगर आपको एलर्जी नहीं है तो अपने खान-पान में काजू, बादाम, अखरोट आदि को शामिल करें| अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एडिस होता है| इसके अलावा बादाम और काजू की गर्भावस्था में फायदा पहुंचाते है|

  • शकरकंद

गर्भावस्था में शकरकंद (स्वीट पोटैटो) खाना भी काफी फायदेमंद होता है| इसमें विटामिन- ए होता है, जो शिशु की देखने की शक्ति को विकसित करने में अहम भूमिका निभाता है| इसके अलावा इसमें विटामिन-सी, फोलेट और फाइबर भी मौजूद होते हैं|

  • साबुत अनाज

गर्भावस्था के दौरान साबुत अनाजों को अपने आहार में जरूर शामिल करें| खासतौर पर गर्भवस्था कि दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान साबुत अनाजों का सेवन फायदेमंद होता है| इससे आपको भरपूर कैलोरी मिलती है, जो गर्भ में शिशु के विकास में मदद करती है| और साबुत अनाज के तौर पर ओट्स, किनोआ,भूरे चावल आदि को अपने आहार में शामिल कर सकती है| अनाजों में प्रोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है| इसके अलावा इनमें फाइबर विटामिन-बी और मग्निशियम भी मौजूद होता है, जो गर्भावस्था में फायदा पहुंचाते हैं|

  • एवोकाडो

एवोकाडो एक ऐसा फल है, जिसे हर गर्भवती महिला को खाने की सलाह दी जाती है| इसमें भरपूर मात्रा में फ़ोलेट होता है| जो गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिक्स और उसकी रीढ़ की हड्डी के विकास के लिए बेहद फायदेमंद होता है| इसके अलावा एवोकाडो में विटामिन-के, पोटेशियम, कॉपर,विटामिन-ई आदि भी मौजूद होता है, इसलिए गर्भवती महिला को रोजाना एक एवोकैडो खाने की सलाह दी जाती है|

  • बिना बसा का मास

अगर गर्भवती महिला मांसाहारी है, तो उन्हें अपने खान-पान में मीट को जरूर शामिल करना चाहिए |मांस में भरपूर मात्रा में लौह तत्व (आयरन), जिंक और विटामिन-B 12 होता है| अक्सर गर्भवती महिलाओं के शरीर में आयरन की कमी हो जाती है| इसकी वजह से उनके खून में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं के लिए मांस का सेवन काफी फायदेमंद साबित हो सकता है| हालांकि गर्भवती महिलाओं को बिना बसा वाला मांस को ही अपने खान-पान में शामिल करना चाहिए|

  • ज्यादा से ज्यादा पानी पी पिए

हर व्यक्ति को दिन में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए| गर्भवती महिलाओं को तो इस नियम का ज्यादा से ज्यादा पालन करना चाहिए| उन्हें पानी की कमी से सिर दर्द, थकान, कब्ज से आदि जैसी  समस्याएं हो सकती हैं| इसलिए गर्भवती महिलाओं को हमेशा खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी जाती है|

  • फल और फलों का जूस

गर्भावस्था में महिलाओं को तरह-तरह की मौसमी फल खाने चाहिए| हो सके तो उन्हें संतरा, तरबूज, नाशपाती आदि जैसे फलों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए| इसके अलावा बे इन फलों का रस भी पी सकती हैं| दरअसल गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग चार रंगों के फल खाने की सलाह दी जाती है|

गर्भावस्था में क्या नहीं खाना चाहिए?

ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिनका सेवन गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए| नीचे हम आपको एक-एक करके ऐसी चीजों के नाम बताने जा रहे हैं, जिनसे गर्भवती महिलाओं को परहेज करना चाहिए|

  • कभी भी कच्चा अंडा ना खाएं|

गर्भवती महिलाओं को अच्छी तरह से पका हुआ अंडा ही खाना चाहिए| अद्पके अंडे के सेवन से सालमोनेला संक्रमण का खतरा हो सकता है| इस संक्रमण से गर्भवती महिलाओं को उल्टी और दस्त की समस्या हो सकती है|

  • कैफीन का सेवन ना करें|

गर्भावस्था में डॉक्टर बहुत कम यात्रा में कैफीन लेने की सलाह देते हैं| चाय, कॉफी और चॉकलेट जैसी चीजों में कैफीन पाया जाता है| ज्यादा मात्रा में कैफीन लेने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है| इसके अलावा कैफीन का ज्यादा सेवन करने से जन्म के समय शिशु का वजन कम रह सकता है| हालांकि गर्भावस्था के दौरान रोजाना 200 mg  तक कैफीन के सेवन को सुरक्षित माना जाता है|

  • गर्भावस्था में कच्चा पपीता ना खाएं|

गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाना असुरक्षित हो सकता है| कच्चे पपीते में एक ऐसा केमिकल पाया जाता है, जो भूर्ण को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए गर्भावस्था में कच्चा पपीता खाने से बचें|

  • क्रीम दूध से बना पनीर ना खाएं

गर्भावस्था में क्रीम दूध से बना पनीर नहीं खाना चाहिए| जो कि इस तरह के पनीर को खाने में प्रसारित दूध का इस्तेमाल नहीं किया जाता है| इसलिए इसमें लिस्टेरिया नाम का बैक्टीरिया मौजूद होता है| इस बैक्टीरिया की वजह से गर्भपात और समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है|

  • बिना धुली हुई सब्जियां और फल ना खाएं|

किसी भी फल और सब्जी को खाने से पहले अच्छी तरह से धो लें | बिना धुली हुई सब्जियां और फल में टैक्सोप्लाजमा नाम का बैक्टीरिया मौजूद होता है, इसे शिशु के विकास में बाधा आती है|

हर गर्भवती महिला यही चाहती है कि जन्म के समय उसका बच्चा बिल्कुल स्वस्थ और तंदुरुस्त हो| आपकी यह इच्छा पूरी करने के लिए गर्भवती महिलाएं अक्सर अपने आहार में कई नई चीजों को भी शामिल करती हैं, पर ज्यादातर महिलाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें यह पता नहीं होता कि गर्भधारण करने के बाद कौन-कौन सी चीजें कितनी मात्रा में खानी चाहिए

दरअसल गर्भावस्था के दौरान खाई जाने वाली चीजों के साथ कई तरह की भान्तियाँ और मिथक भी जुड़े हुए हैं| इस वजह से गर्भवती महिलाओं तक अक्सर सही जानकारी नहीं पहुंच पाती है| वह यही नहीं जान पाती है, कि गर्भावस्था के दौरान उन्हें कौन सी चीजें खानी चाहिए और कौन सी नहीं |

इस पोस्ट को पढ़कर आप जान ही गए होंगे, कि प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए और क्या खाना नहीं चाहिए| जब एक शरीर में दो जान हो, तो मां और शिशु दोनों की अच्छी सेहत के लिए गर्भवती महिलाओं को भोजन भूषण तत्वों से भरपूर होना जरूरी है| इसलिए गर्भावस्था में भोजन से जुड़ी सावधानियां याद रखें विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फोलिक एसिड आदि से भरपूर भोजन खाएं| और  गर्भावस्था में भोजन का विशेष ख्याल रखें|

अगर आपको हमारी इस पोस्ट (प्रेगनेंसी में क्या खाएं और क्या नहीं खाएं) में कोई कमी या गलती लग रही है, तो आप हमें कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करके बता सकते हैं| अगर  आपको पोस्ट अच्छा लगा हो तो अपने दोस्तों के पास शेयर  करना ना भूलें |

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