माइग्रेन क्या है और इससे कैसे बचें

ByMamta Choudhary

Dec 14, 2022 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,
माइग्रेन होने पर लैवंडर ऑयल से मालिश करनी चाहिए यह तेल बहुत ही अच्छा होता है इस तेल को आप 15 मिनट तक सुन भी सकते हैं उससे भी इस दर्द में बहुत राहत मिलती है आप ही रोजाना कर सकते हैं यह है यह है बहुत ही अच्छा आयुर्वेदिक तेल है

सिर में कभी कम तथा कभी बहुत ज्यादा होने वाला दर्द जो सिर के आधे भाग को प्रभावित करता है माइग्रेन कहलाता है जिसके मरीज अक्सर प्रकाश और आवाज को लेकर  संवेदनशील होते हैं माइग्रेन के मामले प्रतिवर्ष एक करोड़ से ज्यादा आते हैं यह एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है 5 महिलाओं में से 1 व 15 पुरुषों में से एक को यह रोग होता है माइग्रेन को पहचान कर उसका इलाज कराने की जरूरत होती है क्योंकि जिस व्यक्ति को माइग्रेन होता है वह इस बीमारी से बहुत परेशान हो जाता है उसके जीवन की गुणवत्ता पर बहुत बड़ा असर पड़ता है

Table of Contents

क्या है माइग्रेन

माइग्रेन में सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है तथा बहुत ज्यादा हो जाता है यह दर्द जब शुरू होता है तो सिर के आधे भाग को कवर करता हुआ यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द शुरू कर सकता है माइग्रेन के दर्द के दौरान रोशनी तथा आवाजों से भी परेशानी होती है व्यक्ति बिल्कुल आवाजों से दूर अकेला होना चाहता है यदि किसी व्यक्ति में माइग्रेन का अटैक आता है तो उसको बिना आवाज, बिना प्रकाश वाले कमरे में लिटा देना चाहिए जिससे उसको आराम जल्दी मिलेगा कई बार जो माइग्रेन के मरीज हैं उनमें उल्टी की शिकायत भी होने लगती है

माइग्रेन की समस्या पुरुषों या महिलाओं में  से किसको अधिक होती है

यह समस्या पुरुषों की बजाय महिलाओं में अधिक होती है महिलाएं इस दर्द से अत्यधिक परेशान रहती हैं 69% लोगों को सिर के साथ गर्दन में भी तेज दर्द होता है यह गर्दन का दर्द माइग्रेन का ही एक लक्षण है  ट्राइजेमिनल सर्विकल कोम्पलेक्स दिमाग का ऐसा हिस्सा है जिसकी तंत्रिकाएं चेहरे और ऊपरी गर्दन से जुड़ी होती हैं जब माइग्रेन होता है तो वह ट्राईजेमिनल सर्विकल कोम्पलेक्स पर असर डालता है जिसकी वजह से गर्दन भी प्रभावित हो जाती है

गर्दन में दर्द रहता है तो यह आपकी दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है क्योंकि गर्दन सिर को गतिशीलता देती है सूजन, चोट, खराब मुद्रा, अजीब स्थिति में सोना सभी गर्दन दर्द के कारणों में आते हैं

माइग्रेन की समस्या पुरुषों या महिलाओं में  से किसको अधिक होती है
माइग्रेन की समस्या पुरुषों या महिलाओं में  से किसको अधिक होती है

माइग्रेन की वजह से गर्दन में खिंचाव होना

ऊंचे तकिए के ऊपर सिर रखना, हार्ड गद्दे पर सोना, नींद में गर्दन टेढ़ी हो जाना, एक ही पोजीशन में घंटों बैठना, अकड़न आदि की वजह से गर्दन में खिंचाव हो जाता है तो गर्दन में दर्द शुरू हो जाता है यदि गर्दन के दर्द का इलाज करवाया जाए तो किसी हद तक माइग्रेन में भी आराम मिलता है माइग्रेन के मरीजों में गर्दन का दर्द अक्सर देखा गया है डॉक्टर्स सीधे तौर पर तो नहीं कहते कि इस की वजह से गर्दन में दर्द है लेकिन वह इससे इनकार भी नहीं करते

माइग्रेन व गर्दन दर्द के बीच क्या संबंध है

ट्राईजेमिनल सर्विकल कोम्पलेक्स एक दिमाग का ऐसा हिस्सा है जिसकी तंत्रिकाए चेहरे और ऊपरी गर्दन से जुड़ी होती हैं माइग्रेन होने पर इसी कोम्पलेक्स पर असर पड़ता है जिससे आपकी गर्दन भी प्रभावित हो जाती है डॉक्टर्स का कहना है कि आप गर्दन दर्द का इलाज करवाते हैं तो आप माइग्रेन को भी ठीक कर रहे हैं इसलिए इन दोनों के बीच संबंध तो है 

माइग्रेन के लक्षण क्या है

इस दर्द का आप स्वयं भी पता लगा सकते हैं यह सिर के एक खास हिस्से में शुरू होता है जिसकी तीव्रता घटती बढ़ती है जब माइग्रेन होता है तो आवाज अच्छी नहीं लगती है तथा प्रकाश में भी आंखें नहीं खुलती हैं इसका दर्द बहुत ज्यादा होता है कई बार मरीज को उल्टी भी आने लगती है या फिर उल्टी की शिकायत होती है इसमें यह दर्द गर्दन तक भी पहुंच जाता है यह दर्द चेहरे पर भी होने लगता है इसके मरीज को चिड़चिड़ापन होने लगता है पसीना आता है इसमें मरीज की कमजोर एकाग्रता होती है वह अचानक से गर्म हो जाता है या ठंड महसूस करता है

माइग्रेन शुरू कैसे होता है

माइग्रेन 4 प्रकार से शुरू होता है जो निम्न है

  • पूर्वाभास युक्त माइग्रेन– इसमें  मरीज को सिर दर्द शुरू होने से पहले ही टिमटिमाते हुआ प्रकाश आंखों के सामने नजर आने लगता है उसके बाद दर्द शुरू होता है
  • पूर्वाभास रहित माइग्रेन– इस मे मरीज को कोई भी पूर्वाभास नहीं होता है और दर्द शुरू हो जाता है
  • सिर दर्द रहित माइग्रेन–  इस मे सिर दर्द नहीं होता लेकिन अन्य सभी लक्षण होते हैं प्रकाश का सहन नहीं कर पाना, चिड़चिड़ापन, कमजोर एकाग्रता, पसीना आना ,अत्यंत गर्मी या ठंड लगना
  • बार-बार माइग्रेन– इस मे दर्द सप्ताह में कई बार होता हैं किसी व्यक्ति में यह कभी-कभी भी होता हैं माइग्रेन की अवधि कई वर्षों तक रह सकती हैं यह थोड़े-थोड़े अंतराल में आता हैं और कई कई वर्षों तक चलता हैं ऐसे में मरीज बहुत परेशान हो जाता है

माइग्रेन के अटैक कितने प्रकार के होते हैं

यह मुख्यतः दो प्रकार से अटैक आते हैं

  • कॉमन
  • क्लासिक

 कॉमन माइग्रेन में हल्का या तेज दर्द पूरे सिर में होता है यह 4 से 72 घंटे रह सकता है यह मरीज को काफी परेशान करता है इसमें मरीज को प्रकाश की रोशनी से तकलीफ होती है आवाजों से तकलीफ होती है

क्लासिक माइग्रेन इस में वार्निंग साइन पहले ही आने लगते हैं पहले ही पता चलने लगता है की दर्द होने वाला है आंखों के सामने टिमटिमाते प्रकाश नजर आने लगता है चीजें धुंधली होती हुई नजर आती हैं हाथ पैरों में झुनझुनाहट होती है बोलने के समय कठिनाई शुरू होने लगती है खाने की क्रेविंग होती है या तो ज्यादा खाने का मन करता है या बिल्कुल भी खाने का मन नहीं करता इस दर्द में जब ऐसे वार्निंग साइन आने लगे उसी वक्त दवाई ले लेनी चाहिए जिससे यह दर्द रुक जाए यदि दर्द शुरू होने के बाद दवाई ली जाती है तो फिर यह नहीं रुकता

माइग्रेन होने के कारण क्या है

आमतौर पर माना जाता है कि मस्तिष्क के हिस्सों में मौजूद ब्लड वेसल के सिकुड़ने के कारण यह स्थिति पैदा होती है लेकिन जीवनशैली भी इसके लिए जिम्मेदार है इसके होने का सटीक कारण ज्ञात नहीं हो पाया है लेकिन दिमाग में रसायन नाड़ियों और रक्त कोशिकाओं में अल्पकालिक परिवर्तन का नतीजा होता है किसी निकट रिश्तेदार में भी यदि यह बीमारी है तो भी हो सकती है निम्न कारण से यह बीमारी हो सकता है

  • इसको को वंशानुगत भी माना जा सकता है क्योंकि देखा गया है कि यदि यह किसी रिश्तेदार में होता है तो यह आपको भी हो सकता है लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता
  • महावारी आने पर भी महिलाओं में यह दर्द देखा गया है क्योंकि हार्मोनल चेंजेज की वजह से यह दर्द पाया गया है
  • तनाव होने पर भी यह दर्द होता है क्योंकि जब तनाव होता है तो मांसपेशियों में कसाव आ जाता है जिससे मांसपेशियों के खिंचाव की वजह से दर्द शुरू हो जाता है
  • थकावट की वजह से भी यह का दर्द देखा गया है लेकिन यह कुछ समय के लिए होता है और खत्म हो जाता है
  • आहार व पेयजल की वजह से भी यह दर्द संबंधित होता है

माइग्रेन हो तो क्या करना चाहिए

जब भी यह समस्या किसी व्यक्ति में होती है तो उसको दौरा पड़ता है तो व्यक्ति को अंधेरे कमरे में सुला देना चाहिए तथा आवाज बिल्कुल नहीं करनी चाहिए जिससे व्यक्ति को आराम मिलेगा और वह रिलैक्स होकर जल्दी ठीक हो सकेगा और उसे लेट आने से पहले थोड़ा पानी पिला देना चाहिए

माइग्रेन के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए

किसी व्यक्ति को सिर में बहुत तेज दर्द है तो उसको खट्टे फल नहीं खाने चाहिए, शराब, प्रोसैस्ड फूड, नाइट्रस वाली चीजें, तेज सुगंध तथा रोशनी से बचना चाहिए उसको शराब या किसी अन्य चीज का नशा नहीं करना चाहिए कैफ़ीन नहीं लेना चाहिए मैदा से बनी हुई किसी भी चीज को नहीं खाना चाहिए यह सभी चीजें सिरदर्द को बढ़ाती हैं इसलिए इन चीजों से दूर रहना चाहिए

माइग्रेन रोकने के लिए क्या करना चाहिए

आप को व्यायाम करना चाहिए रोजाना अच्छी नींद लेनी चाहिए अच्छी दिनचर्या अपनाकर स्वस्थ होना चाहिए तथा आहार पोष्टिक लेना चाहिए योग करने से भी यह दर्द खत्म होता है इसलिए अपने जीवन में योग व ध्यान को जरूर अपनाएं तनाव कम से कम रखें क्योंकि यह भी माइग्रेन की एक वजह में है यदि कई सप्ताह तक सुधार ना हो तो डॉक्टर को अवश्य दिखाना चाहिए

माइग्रेन से निपटने के लिए घरेलू उपचार

मालिश

इस दर्द से बचने के लिए सिर में हल्के हाथों से रोजाना मालिश करें मालिश गर्दन की नसों तक होनी चाहिए जिसे आराम मिलेगा

अदरक का सेवन

आप हमेशा अदरक का सेवन जरूर करें चाहे वह चाय में डालकर करें सब्जी में डालकर करें या फिर सिर्फ पानी में उबालकर अदरक को पिए अदरक में बहुत सी हेल्थी प्रॉपर्टीज होती हैं जो पेन होने से रोकती हैं

गुड़ दूध का सेवन

माइग्रेन के मरीज को दूध के साथ गुड़ का सेवन जरूर करना चाहिए यह उसके लिए लाभदायक है

घी से बनी जलेबी

 मरीज को सर्दियों में घी से बनी जलेबी का सेवन दूध के साथ करना चाहिए इसका सेवन करने से सिर दर्द में आराम मिलता है साथ ही दिमाग की नसें नरम पड़ती है दिमाग में जो खिंचाव होता है उस में राहत मिलती है

माइग्रेन के दर्द में कौन से तेल का इस्तेमाल करना चाहिए

जब भी यह दर्द हो तो लेवेंडर तेल बहुत ही फायदेमंद होता है इस ओयिल को 15 मिनट सुंघने से सिर दर्द में बहुत ही आराम मिलता है यह लैवंडर ऑयल बहुत ही लाभदायक है इसे रोजाना इस्तेमाल करना चाहिए तथा साथ में एक्यूप्रेशर,एक्यूपंचर से भी अपना इलाज करना चाहिए

माइग्रेन का उपचार

जब भी दर्द शुरू हो आप डिस्प्रिन ले सकते हैं यह सिरदर्द में राहत देती है पेरासिटामोल भी ली जा सकती है यह भी दर्द में राहत देती है लेकिन जब भी आपको यह दर्द उठे तो आपको अपना उपचार स्वयं ना करके डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए क्योंकि डॉक्टर इसकी सही जांच करेंगे और आपको उचित दवाई देंगे इसलिए अपने आप लेने से अच्छा है अब डॉक्टर से परामर्श लें

निष्कर्ष

बीमारी होने पर व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता पर असर पड़ता है इस दर्द में रोशनी तथा आवाजों से परेशानी होती है यह महिलाओं में अधिक होता है इस दर्द में गर्दन में भी पेन होने लगता है यह एक सामान्य स्वास्थ्य समस्या है दिमाग की ब्लड वेसल के सिकुड़ने के कारण माइग्रेन की स्थिति पैदा होती है जीवनशैली भी जिम्मेदार है आपको डॉक्टर से परामर्श लेकर इसका उपचार कराना चाहिए तथा योग ध्यान से आप इसे ठीक कर सकते हैं

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Q.1 माइग्रेन कितने समय तक रह सकता है

यह माइग्रेन के टाइप पर निर्भर करता है वैसे यह 4 से 72 घंटे तक एक व्यक्ति में रहता है प्रत्येक व्यक्ति में यह अवधि अलग-अलग होती है बहुत से ऐसे मामले भी हैं जब यह सप्ताह में कई बार होता है इसकी अवधि कई वर्षों तक रह सकती है

Q.2 माइग्रेन में क्या परहेज होने चाहिए

माइग्रेन के मरीज को तनाव नहीं रखना चाहिए तथा तेज सुगंध रोशनी तथा तेज आवाजों से दूर रहना चाहिए खट्टे फल शराब प्रोसैस्ड फूड नाइट्रस वाली चीजें मैदा आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए यह की पोजीशन में घंटों नहीं बैठना चाहिए

Q.3 माइग्रेन होने पर किस तेल की मालिश करें

माइग्रेन होने पर लैवंडर ऑयल से मालिश करनी चाहिए यह तेल बहुत ही अच्छा होता है इस तेल को आप 15 मिनट तक सुन भी सकते हैं उससे भी इस दर्द में बहुत राहत मिलती है आप ही रोजाना कर सकते हैं यह है यह है बहुत ही अच्छा आयुर्वेदिक तेल है

One thought on “माइग्रेन क्या है और इससे कैसे बचें”
  1. […] माइग्रेन की वजह से सिर में दर्द शुरू हो जाता है यह दर्द सिर के एक हिस्से से शुरू होकर पूरे सिर में फैल जाता है यह बहुत ज्यादा होता है एक-दो दिन भी रह सकता है। […]

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