30 मिनट आसन करें तथा hair growth व glowing skin पाएं (yoga for hair growth and glowing skin )

ByMamta Choudhary

Dec 21, 2022 , , , , , , , , , , , , , , , , , , , , ,
30 मिनट आसन करें तथा hair growth व glowing skin पाएं (yoga for hair growth and glowing skin )

आसन से आप बालों की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं आजकल बाल सफेद होने की तथा hair fall होने की समस्या हर उम्र के व्यक्तियों में आने लगी है के लिए रामदेव बाबा ने 11 ऐसे आसन बताए हैं जिनकी वजह से बाल घने हो जाएंगे तथा आपकी त्वचा चमकने लगेगी तथा सुंदर हो जाएगी आप attractive लगने लगेंगे क्योंकि हर व्यक्ति प्रभावशाली दिखना चाहता है इसलिए इन आसन के जरिए व्यक्ति अपने बालों को काला, लंबा तथा घना बना सकते हैं जिन व्यक्तियों के बिल्कुल बाल गिर चुके हैं जो गंजे हो चुके हैं उन व्यक्तियों में भी hair growth हो जाती है तथा त्वचा खिल जाती है इस लेख के जरिए हम आपको ऐसे आसन बताएंगे जिससे बाल हमेशा सुरक्षित रहेंगे तथा fungal infection, dandruff, hair fall कुछ भी नहीं होगा तथा hair growth जबरदस्त रहेगा आपकी skin चमकने लगेगी।

आखिर क्या कारण है hair growth नहीं होने का

भारत में hair fall 36 से 50 साल उम्र के 52.4 % लोग में होता है यह आंकड़ा सिर्फ पुरुषों का है यानी कि हर 10 पुरुषों में से दो के बाल झड़ते हैं वह इस समस्या से परेशान हैं लेकिन महिलाओं के लिए तो यह समस्या बहुत ही बड़ी है क्योंकि बालों का सीधा सीधा connection खूबसूरती से है जब भी यह समस्या होती है तो इसका कारण internal ही होता है आप में hair growth का नहीं होना तथा बालों का बहुत ज्यादा झड़ना किसी ना किसी बीमारी की ओर signal करता है यह एक बहुत बड़ा सवाल है लेकिन इससे बचने का जवाब आयुर्वेद में योग है इसका सबसे अच्छा उदाहरण बाबा रामदेव हैं जिनकी खुद की घनी व काली जुल्फे है।

आपको घी जरूर खाना चाहिए यह आपकी त्वचा को चमकदार बनाता है तथा हड्डियों को भी सही रखता है आंवला हर प्रकार से अपने खाने में शामिल करें यह चीजें आपके hair growth तथा skin की चमक के लिए जरूरी हैं।

किस वजह से hair growth तथा skin में चमक नहीं हो पाती

Hair growth नहीं होने की सीधी वजह internal ही होती है जैसे हम खानपान में लापरवाही करते हैं महिलाओं में अक्सर anaemia की शिकायत रहती है शुगर, अस्थमा, थायराइड आदि ऐसी बीमारियां हैं जिसमें यह समस्या पैदा होती है बालों में growth नहीं होती इसकी वजह है कि लोग बालों में तेल नहीं लगाते तथा रोजाना शैंपू करते हैं जिससे बाल असमय सफेद हो जाते हैं तथा झड़ने लगते हैं बाल दो मुंहे व पतले हो जाते हैं आप जब भी बाल धोएं ।एक रात पहले तेल जरूर लगाएं फिर दूसरे दिन शैंपू करना चाहिए। शैंपू भी 3 दिन से या 5 दिन से करना चाहिए ज्यादा शैंपू का इस्तेमाल बालों को खराब करता है तथा hair fall बढ जाता है तथा साथ ही बताए गए आसन जरूर करें100% आपके बालों की growth अच्छी होने लगेगी तथा आपकी त्वचा पर असर दिखने लगेगा आपकी skin चमकदार हो जाएगी।

Hair growth तथा अच्छी skin के लिए आसन

प्रत्येक आसन को आप एक-दो मिनट ही करें जिससे आप 30 मिनट में समस्त आसनों को कर लेंगे यह आप अपनी दिनचर्या के हिस्से में शामिल करले आप रोजाना इन आसन को करेंगे तो आप एक दो महीने में अपने बालों को काला पाएंगे आपके बाल झड़ना बिल्कुल बंद हो जाएंगे तथा बाल मोटे भी बनेंगे आपके नए बाल उगना शुरू हो जाएंगे।

मंडूकासन Mandukasan

इसको frog posture भी कहा जाता है क्योंकि मंडूक का अर्थ होता है मेंढक इसको करते समय शरीर मेंढक के जैसा लगता है इसलिए इसको मंडूकासन कहते हैं।

  • सबसे पहले आप वज्रासन बैठ जाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों की मुठीया बना लें अंगूठे बाहर की तरफ निकले हो।
  • अब इन मूठीयो को आप नाभि के पास ले जाएं और ऐसे दबाएं की मुट्ठी खड़ी हो जाए और अंगूठे अंदर की तरफ हो।
  • सांस बाहर की ओर छोड़ते हुए पेट को अंदर की तरफ कीजिए।
  • अब धीरे-धीरे आगे की तरफ झुक जाएं आप नाभि पर ज्यादा दबाव ना डालें।
  • सिर को ऊंचा उठाते हुए सामने की ओर देखें
  • सहज भाव से जितने समय आप इस मुद्रा में रह सकते हैं रहे।
  • वापस अपनी पूर्व स्थिति में आ जाएं
  • शुरुआत में इसे दो या तीन बार करें फिर धीरे-धीरे आप ज्यादा करें।

यह आसन पेट के सभी विकारों को दूर करता है यह constipation से भी राहत दिलाता है और यदि पाचन क्रिया दूरस्थ ना हो तो उसको अच्छा कर देता है यह मासिक धर्म में कोई भी समस्या हो उसको भी ठीक करता है पेट की विकृति से ही सभी रोगों का जन्म होता है जब पेट में विकार नहीं रहेंगे तो सब समस्या सही हो जाएंगी और आपके बाल भी growth करेंगे और skin l चमकदार बनेगी यह आपके वजन को भी नहीं बढ़ने देता।

मंडूकासन
मंडूकासन

शीर्षासन shirshasan

इस आसन को सिर के बल खड़ा होकर किया जाता है इस वजह से इसको शीर्षासन कहा जाता है।

  • सबसे पहले आप वज्रासन में बैठे। 
  • अब आगे की ओर झुके और अपने हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें।
  • दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ले
  • अब सिर को इन जुड़े हुए हाथों के टिकाए  सांस को सामान्य रखें।
  • अब आप पैर की उंगलियों पर बैठ जाएं लेकिन सिर को टिकाए रखें
  • अब धीरे-धीरे अपने पैरों को ऊपर उठाने लगे पूरा जोर अपनी बाजुओं पर रखें।
  • पहले पैरों को आधा ही उठाएं कुछ देर इस पोजीशन में रहे।
  • अब धीरे-धीरे पैरों को बिल्कुल सीधा ऊपर कर ले शरीर का पूरा वजन हाथों पर डालदे  
  • कोशिश करें कि भार सिर पर ना आए हाथों पर ही रहे।
  • यदि आप ऐसे संतुलन नहीं बना सकते हैं तो आप दीवार का सहारा लेकर ऐसा कर सकते हैं।

 इस आसन से सिर में रक्त का संचार होता है जिसकी वजह से बाल उगने शुरू हो जाते हैं तथा यह फेफड़ों की कार्य कुशलता को भी बढ़ाता है कब्ज में भी राहत देता है अस्थमा, साइनस, अनिद्रा आदि को भी ठीक करता है तनाव, अवसाद को मिटाता है पाचन तंत्र बिल्कुल ठीक हो जाता है brain में blood circulation बढ़ने से हमारी स्मरण शक्ति बढ़ने लगती है याददाश्त तेज हो जाती है हम बातों को भूलते नही हमारे बाल सफेद भी नहीं होते, आंखों की रोशनी अच्छी हो जाती है इस आसन को रोज करना चाहिए।

शीर्षासन
शीर्षासन

सर्वांगासन sarvangasan

इस आसन का मतलब है कि प्रत्येक अंग इसमें क्रियाशील हो जाता है इस इस योग मुद्रा में पूरे शरीर को कंधों पर संतुलित करते हैं पूरे शरीर में रक्त का संचार अच्छी तरीके से होने लगता है आप की त्वचा चमकने लगती है आपके बाल झड़ना बंद हो जाते हैं।

  • आप पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर की ओर उठाएं।
  • आप अपने पैरों को सिर की सिद्ध में लाएं।
  • आप अपने शरीर को इस तरह सीधा कर लें। कि आपकी ठोड़ी छाती को आकर छुए।
  • इस अवस्था में कुछ समय रहे धीरे-धीरे वापस अपनी स्थिति में आ जाएं। 

यह रक्त के संचार को बढ़ाने में विशेष मददगार साबित होता है यदि किसी को thyroid, asthma की समस्या है तो यह उसको भी दूर करता है तथा इस आसन को करने से कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं यह रीढ की हड्डी को बहुत ही लचीला बना देता है ह्रदय की कार्यकुशलता भी बढ़ जाती है पेट की जितनी भी समस्याएं होती हैं वह खत्म हो जाती हैं सभी नसें खुल जाती हैं पेट की कार्यकुशलता बढ़ने से बालों का झड़ना बंद हो जाता है क्योंकि पाचन क्रिया से सीधा संबंध हमारा बालों के झड़ने का,असमय सफेद होने का,पतले होने का है यह सभी चीजें ठीक हो जाती हैं आप खुद अनुभव करते हैं।

सर्वांगासन
सर्वांगासन

वक्रासन vakrasan

वक्रासन का मतलब है शरीर को मोड़ लेना या टेढ़ा कर लेना इस आसन में शरीर का प्रत्येक अंग काम में आता है पेट पर दबाव पड़ता है जिससे पेट की बीमारियां ठीक होने लगती है।

  • आराम की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • सांस अंदर लेते हुए रीड की हड्डी को लंबा करें
  • बाएं पैर को मोड़े।
  • दाएं घुटने के ऊपर से बाएं पैर को जमीन पर लाए।
  • अब दाहिने पैर को मोड़े।
  • पैर को बाएं नितंब के निकट जमीन पर रखें।
  • बाएं पैर के ऊपर से दाहिने हाथ को लाएं
  • बाएं पैर के अंगूठे को पकड़े।
  • अब शरीर को जितना संभव हो सके आप मोड़े यह काम आप सांस छोड़ते हुए करें
  • अब आप गर्दन को मोड़े और बाएं कंधे पर अपनी दृष्टि को डालें।
  • बाएं हाथ को आप जमीन पर आराम से निकाले सामान्य रूप से श्वसन क्रिया जारी रखें।
  • कुछ समय अपनी सुविधा के अनुसार इस मुद्रा में रहे।
  • यह सारे step आप दूसरी तरफ भी पूरे करें ।

इस आसन को करने से शरीर बहुत ही सक्रिय हो जाता है तथा अच्छी भूख लगने लगती है इसका बहुत बड़ा फायदा यह है कि आप का पाचन तंत्र बहुत ही मजबूत हो जाता है जिसकी वजह से आपने जो भी शारीरिक समस्याएं आ रही हैं वह खत्म होती हैं बाल बढ़ने लगते हैं काले होने लगते हैं यह शरीर की गर्मी को भी शांत करता है किडनी ,लीवर, प्लीहा सभी को यह सुचारू रूप से चलाता है सभी अंग क्रियाशील हो जाते हैं यह metabolism को भी मजबूत करता है बॉडी में जितने भी toxin जमा होते हैं वह धीरे-धीरे बाहर आने लगते हैं इस आसन का रोजाना अभ्यास किया जाता है तो मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैं हमारा शरीर लचीला होने लगता है।

मत्स्यासन

इस आसन में मछली के जैसी मुद्रा बना ली जाती है आसन के द्वारा शरीर और मन दोनों में संतुलन बनाया जाता है इस आसन को जब आप करते हैं तो आप अपने गले, नाभि, कूल्हे की मांसपेशियों पर,गर्दन व पसलियों पर खिंचाव महसूस करते हैं।

  • आप सुखासन मुद्रा में बैठ जाएं।
  • और अपने शरीर को पीछे की ओर बिल्कुल झुका कर जमीन से टच हो जाएं।
  • फिर आप अपने सिर को जमीन से टच रखें और रीड की हड्डी को थोड़ा सा ऊपर उठा दें
  • जैसे-जैसे सीना ऊपर उठेगा आपके कंधों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ने लगेगा।
  • इस स्थिति में आप तब तक रहें जब तक आप अच्छा महसूस करते हैं।
  • सांस को छोड़ते हुए आप वापस अपनी पूर्व स्थिति में आ जाएं हैं।

यह आसन सभी मांसपेशियों को मजबूत कर देता है अस्थमा के रोगियों के लिए यह वरदान की तरह है इस आसन की वजह से पिट्यूटरी, पैरा थायराइड और पीनल गैलेंड अपना काम अच्छे से करने लगती हैं इस आसन के जरिए आप अपना posture भी सुधार सकते हैं इस आसन से पाचन क्रिया अच्छी हो जाती हैं बालों की growth अच्छी होने लगती है बाल झड़ना बंद हो जाते हैं सांस संबंधी बीमारियां, हल्का पेट दर्द, थकान, एंजाइटी, गले की प्रॉब्लम, हिप्स की प्रॉब्लम इन सभी को इस योग से ठीक किया जा सकता है।

मत्स्यासन
मत्स्यासन

पवनमुक्तासन pawanmuktasan

इस योग का अर्थ है पवन का मुक्त हो जाना इस नाम से स्पष्ट हो रहा है कि पेट के पाचन तंत्र में अनावश्यक जो गैस भरी होती है इस आसन के जरिए इस समस्या को खत्म कर दिया जाता है और पाचन क्रिया अच्छी हो जाती है जहां पर पाचन संबंधित क्रिया ठीक हो जाती है तो बाल स्वयं ही नए उगने लग जाते हैं और काले होने लगते हैं skin फूलों की तरह हो जाती है।

  • आप सीधे लेट जाइए।
  • अपने बाएं घुटने को मोड़े और सांस को छोड़ते हुए जितना संभव हो सके आप अपने पेट की ओर दोनों हाथों से उसको खींचे।
  • अब अपने बाएं घुटने से सीने को छूने की कोशिश करें।
  • अब अपने सिर को उठाकर नाक से अपने घुटने को छूएं।
  • कुछ समय आप इसी स्थिति में रहे।
  • फिर दाएं पैर से यह क्रिया करें।
  • आप दोनों पैरों को एक साथ भी अपने छाती की तरफ ला सकते हैं।
  • जो भी आपको आसान लगे करें।

यह आसन पाचन तंत्र को बिल्कुल सही कर देता है जितनी भी गैस होती है वह दूर कर देता है इस योग से arthritis , acidity, ह्रदय रोग बालों का झड़ना, बालों का सफेद होना, बालों का पतला होना इन सब में आराम मिलता है तथा बाल तेजी से बढ़ने लगते हैं त्वचा की समस्या खत्म हो जाती है।

प्राणायाम Pranayam

अनुलोम विलोम anulom vilom

प्राणायाम को जब शुरू किया जाता है तो इसकी शुरुआत अनुलोम विलोम से ही करते हैं अनुलोम विलोम में सांस को नियम से लेना और छोड़ना होता है।

  • सबसे पहले आप सुखासन में बैठ जाएं।
  • दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नाक को बंद करें तर्जनी अंगुली को अंगूठे के नीचे के हिस्से पर हल्के से दबाकर रखें।
  • बायीं नाक से सांस को अंदर खींचे और फिर अनामिका अंगुली से बायीं नाक को बंद कर के अंगूठे को दाई नाक से हटाकर सांस छोड़ दें।
  • अब दाई नाक से सांस को अंदर खींचे और फिर अंगूठे से दाई नाक बंद करने के बाद अनामिका अंगुली को बायीं नाक से हटाकर सांस छोड़ दें।
  • अब बायीं नाक से सांस को भीतर खींचे और फिर अनामिका अंगुली से बायीं नाक को बंद कर के, अंगूठे को दाई नाक से हटाकर सांस छोड़ दें।
  • सीधी सी भाषा में यदि हम कहें तो इस प्रक्रिया में बायीं नाक से सांस लेनी है दाई से छोड़नी है और दाएं से सांस लेनी है तो बायी से छोड़नी है यही अनुलोम विलोम प्राणायाम होता है।

अनुलोम विलोम की वजह से रक्त संचार सही होता है मस्तिष्क के जितने विकार होते हैं  वह इससे सही हो जाते हैं फेफड़ों में जितनी भी गंदगी जमा होती है वह बाहर आ जाती है नींद आने लगती है पाचन क्रिया को यह मजबूत करता है नकारात्मक ऊर्जा कम होकर सकारात्मक ऊर्जा की बढ़ोतरी होती है आपकी त्वचा चमकने लगती है अस्थमा, एलर्जी, साइनोसाइटिस, पुराना नजला तथा मस्तिष्क में रक्त संचार की बढ़ोतरी होती है मस्तिष्क में जैसे ही रक्त संचार की बढ़ोतरी होती है वैसे ही बालों की समस्या से निजात मिलती है नई growth शुरू हो जाती है सभी नाड़ियों का शोधन हो जाता है।

कपालभाति

यहां पर कपालभाती का अर्थ है कि सिर का चमक जाना यह क्रिया बहुत ही ऊर्जावान क्रिया है इस प्राणायाम को करने से कुछ ही दिनों में आपको फायदा नजर आने लगता हैं आपके बालों की growth आप स्वयं जांच कर सकते हैं आप खुद पाएंगे कि आपकी skin में एक अलग ही चमक आ रही है।

  • सुखासन में बैठ जाएं।
  • दोनों हथेलियों को घुटने पर रखकर आकाश की तरफ खुला रख दें।
  • गहरी सांस को भीतर की तरफ खींचे।
  • फिर सांस को बाहर की तरफ छोड़ें, पेट को अंदर खींचे।
  • अपनी नाभि को रीढ की हड्डी की तरफ खींचे
  • सहज होते हुए नाभि और पेट को ढीला छोड़ दें।
  • यह सांस लेने की व छोड़ने की क्रिया जल्दी-जल्दी करनी चाहिए।
  • इस प्रक्रिया को 20 बार दोहराएं आपका एक राउंड हो जाएगा।
  • तीन राउंड जरूर करें।

कपालभाति पेट की समस्त बीमारियों को दूर करती है इससे brain activate होता है सारी नसें सक्रिय हो जाती हैं इसको करने से मन शांत होता है कपालभाती से acidity, गैस समस्याएं खत्म होती हैं यह प्राणायाम आपके चेहरे को चमकदार बनाता है स्मृति और एकाग्रता में सुधार होता है asthma और sinus को भी ठीक करता है depression की समस्या को मिटाता है और आपको positivity से भर देता है।

नाखूनों को आपस में रगड़े

आयुर्वेद में कहा है कि यह नाखून हड्डियों का मल होते हैं इसका connection सीधा हमारे हड्डियों के साथ होता है शरीर की सबसे मजबूत हड्डी कपाल को माना गया है जिसमें काफी ऊर्जा होती है जब हम नाखूनों को रगड़ते हैं तो उसमें ऊर्जा का संचार होता है इतनी उर्जा पैदा होती है कि वह हमारे बालों को प्रभावित करती है जिस व्यक्ति के बाल अधिक उम्र में भी सफेद हो गए हैं वह भी इस क्रिया के जरिए काले हो जाते हैं यह प्रूफ हो चुका है इसलिए जब भी वक्त मिले आप अपने हाथों के नाखून आपस में रगड़ने रहें।

योग के साथ सिर में मेथी तेल लगाएं

आप 100 ग्राम मेथी लें इसमें 500 ग्राम 500ml नारियल का तेल मिलाएं तथा चार पत्ती एलोवेरा की डालें साथ में मुट्ठी भर करी पत्ता भी mix कर दें अब गैस पर लोहे की कढ़ाई को चढ़ाएं और उसने मेथी को भूने फिर इसमें नारियल तेल एलोवेरा व करी पत्ता डाल दें आधा घंटा धीमी आज पर इसको अच्छे से उबालें जब यह अच्छे से उबल जाए तो एक घंटा इसको रखें और ठंडा होने पर छान लें आपका मेथी का तेल तैयार है इस तेल को लगाने से आपके बाल ग्रोथ करने लगेंगे तथा यदि सफेद भी बाल हो गए हैं तो वह काले होने लगेंगे यदि आप तेल घर पर नहीं बना सकते हैं तो आप आयुर्वेद का केश कांति एडवांस तेल और उसको लगाएं आपके बालों की समस्त समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

बालों के लिए hair pack बनाएं

आप मुल्तानी मिट्टी लीजिए इसके अंदर एलोवेरा तथा आधा नींबू का रस डालें इस को अच्छे से मिक्स कर ले फिर से आप अपने बालों पर मसाज करते हुए अच्छे से लगा ले 1 घंटे बाद सादा पानी से इसको धो लें यह आपके हेयर को बहुत ही सुंदर बना देगा तथा dandruff, hair fall की समस्या खत्म हो जाएगी।

बालों को strong बनाने के लिए कैसे रखें ख्याल

आप आमला, शिकाकाई, रीठा को रात को भिगोकर सुबह इसके पानी से सिर धोएं आप अपने पेट को बिल्कुल सही रखें तो आपके बाल बिल्कुल भी नहीं झड़ेंगे और नई growth होगी आपकी skin भी सुंदर बनेगी। पित्त की वजह से बाल बहुत झड़ते हैं इसलिए बहुत सारा पानी पिए और बालों में हमेशा तेल लगाएं आपके बाल strong हो जाएगे।

निष्कर्ष

आप आसन के जरिए अपने बालों को फिर से उगा सकते हैं तथा अपनी त्वचा को बहुत ही खूबसूरत बना सकते हैं योग से सभी बीमारियां दूर होती हैं हमको अपने जीवन में नियमित रूप से योगाभ्यास करना चाहिए यदि बाल झड़ रहे हैं तो यह इशारा करते हैं कि हमारे शरीर में कोई अन्य समस्या पैदा हो रही है इसलिए योगाभ्यास हमारे जीवन का हिस्सा होना चाहिए।

Disclaimer :-

इस Website पर दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के उद्देश्यों के लिए है और यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। चिकित्सीय स्थिति के संबंध में आपके किसी भी प्रश्न के लिए हमेशा किसी योग्य स्वास्थ्य प्रदाता की सलाह लें। इस Website पर आपने जो कुछ पढ़ा है, उसके कारण पेशेवर चिकित्सा सलाह की अवहेलना न करें या इसे प्राप्त करने में देरी न करें। इस Website पर निहित जानकारी “जैसा है” आधार पर प्रदान की जाती है

Click Here to Read More…

Q.1 छोटी उम्र में बाल सफेद होने पर क्या करें

आंवले का किसी भी रूप में उपयोग करना चाहिए आंवले की चटनी, आंवले का जूस, आंवले की सब्जी, आंवले का मुरब्बा किसी भी रूप में आप आंवले का सेवन जरूर करें यह सबसे बड़ा रसायन होता है साथ ही कपालभाति, अनुलोम विलोम जरूर करें और जितने भी आसन है वह करें हंड्रेड परसेंट बाल सफेद नहीं होंगे

Q.2 डैंड्रफ व खुजली होने पर क्या करें

आप नीम के पत्तों का पेस्ट बनाले और उसको रीठा, आंवला, खट्टी छाछ, मुल्तानी मिट्टी, शिकाकाई, नारियल का तेल, एलोवेरा, सुहागा, टंकन इन सब में मिला ले और इन का पेस्ट बनाकर सिर में लगाएं फिर बाद में बाल धो लें तीन बार लगाने से हंड्रेड परसेंट dandruff खत्म हो जाएगा।

Q.3 बाल पतले हैं तथा झड़ते हैं तो क्या करें

आप सिर में मुल्तानी मिट्टी, एलोवेरा और आधे नींबू के रस का पैक बनाएं तथा उसको सिर में लगाएं 1 घंटे बाद सादा पानी से धोएं साथ ही रोजाना आंवले का रस पीएं। तिल का तेल ही खाने में इस्तेमाल करें केश कांति एडवांस तेल की सिर में मालिश करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *